चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: गुजरात की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई भले ही सलाखों के पीछे है, लेकिन उसका गैंग बाहर पहले से ज्यादा संगठित और खतरनाक तरीके से काम कर रहा है। हाल ही में पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने देर रात हुए ऑपरेशन में चार शूटरों को जिंदा पकड़कर पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। पूछताछ में साफ हुआ कि बिश्नोई गैंग अब केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि यूरोप और स्पेन से ऑपरेट हो रहा है।
पकड़े गए शूटर बिल्ला, हरविंदर उर्फ भोला, लखविंदर और मोहम्मद समीर पर पहले से ही कई गंभीर केस दर्ज हैं। ये चारों दो अलग-अलग ग्रुप में बंटकर पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में दो हाई-प्रोफाइल हत्याएं करने निकले थे। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि इनको निर्देश सीधे यूरोप में बैठे गोल्डी ढिल्लों और स्पेन में मौजूद मनदीप स्पेन दे रहे थे। शूटर टारगेट की हर हरकत का वीडियो और लोकेशन विदेश भेजते थे और ग्रीन सिग्नल मिलते ही हमला होना था।
जांच में सामने आया कि इनके निशाने पर एक तरफ बमबिहा गैंग का बड़ा सदस्य था, जबकि दूसरी तरफ चंडीगढ़ का एक हाई-प्रोफाइल कारोबारी। हथियारों की सप्लाई का पूरा रूट पुलिस को और चौकाने वाला मिला है—पाकिस्तान से बॉर्डर पार कर अमृतसर, और फिर वहाँ से सीधे शूटरों तक। एनकाउंटर से बरामद चाइनीज मार्किंग वाले कारतूस भी बिश्नोई गैंग की नई इंटरनेशनल सप्लाई चेन का संकेत दे रहे हैं।
शूटर्स में से हरविंदर भोला का पटियाला–राजपुरा हाइवे पर होटल गैंग के लिए सेफ हाउस की तरह इस्तेमाल होता था, जहाँ कई बार प्लानिंग की जाती थी। पुलिस अब इस होटल को ज़ब्त करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि अगर ये प्लान आगे बढ़ जाता तो पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में बड़ा खौफ फैल सकता था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद से बिश्नोई गैंग लगातार चर्चा में है, और अब इसका इंटरनेशनल ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गया है।