चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के पूर्व न्यायिक सदस्य सुरिंदर सिंह ठाकुर का सोमवार सुबह निधन हो गया। 74 वर्षीय न्यायमूर्ति सुरिंदर सिंह ठाकुर ने चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में संक्षिप्त बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।
पिछले वर्ष दिसंबर में हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) मॉडल रूल्स, 2016 के तहत राज्य चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम उनके पैतृक गांव बाखोग, राजगढ़ तहसील, जिला सिरमौर में किया गया। उनके परिवार में पत्नी निर्मल ठाकुर और तीन विवाहित बेटियां हैं।
न्यायमूर्ति सुरिंदर सिंह ठाकुर ने अपने करियर की शुरुआत राजगढ़ में वकालत से की थी। जनवरी 1990 में उन्हें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने हमीरपुर, मंडी और सोलन जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में भी सेवाएं दीं। 27 नवंबर 2006 को उन्हें हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया और 23 सितंबर 2013 को सेवानिवृत्त हुए। बाद में मार्च 2015 में उन्हें चंडीमंदिर स्थित आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के चंडीगढ़ क्षेत्रीय पीठ में न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया था।