चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके करीबियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर सहित कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत की गई है।
मामले की मुख्य कड़ियां:
जांच का आधार: ED की यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा भुल्लर के खिलाफ दर्ज किए गए भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले पर आधारित है।
आरोप: पूर्व पुलिस अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने एक बिचौलिए के माध्यम से एक आपराधिक मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत (Illegal Gratification) की मांग की थी। इसके साथ ही, उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति का भी पता चला है।
पिछली गिरफ्तारी: भुल्लर, जो रोपड़ रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी एक कबाड़ व्यापारी की शिकायत के बाद हुई थी, जिसने आरोप लगाया था कि एक मामले को सुलझाने के लिए उनसे रिश्वत मांगी गई थी।
छापेमारी का उद्देश्य: वर्तमान छापेमारी का मुख्य उद्देश्य अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुख्ता सबूत जुटाना है।
ED के अधिकारियों के अनुसार, इन ठिकानों से मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों और बेनामीदारों के चेहरों का खुलासा हो सके।