चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हरियाणा के चर्चित 504 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने एक ओर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद शाइन की वर्ष 2011 से अब तक की सभी विदेश यात्राओं का ब्योरा हरियाणा सरकार से मांगा है, वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
सीबीआई की यह कार्रवाई नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के IDFC फर्स्ट बैंक खातों से सरकारी धन के कथित गबन की जांच के तहत की गई। तलाशी संदिग्ध लाभार्थियों, CSCL के अधिकारी अनुभव मिश्रा और जांच से जुड़े अन्य निजी प्रतिष्ठानों पर की गई।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने मोहम्मद शाइन की 2011 से अब तक की विदेश यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि उन्होंने किन उद्देश्यों से विदेश यात्राएं कीं, उन्हें किसकी अनुमति मिली थी और इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया। हालांकि, फिलहाल उन्हें इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है और जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान सीबीआई को डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इनकी फोरेंसिक जांच के जरिए सरकारी धन के लेनदेन और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जाएगा।
सीबीआई अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा से हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों तक पहुंचाए गए। यह मामला पहले हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के पास था, जिसे बाद में राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई को सौंप दिया गया।
सीबीआई चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और CREST से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। इन मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी का कहना है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल सभी लोगों तक पहुंचने के लिए मनी ट्रेल की गहन जांच जारी है।