चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में ऐप के जरिए कैब और बाइक टैक्सी बुक करने में हो रही परेशानी के बीच यात्रियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने रैपिडो का लाइसेंस फिर से बहाल कर दिया है। हालांकि, कंपनी को अगले दो महीने तक निगरानी में रखा जाएगा। प्रशासन का यह आदेश 27 अक्टूबर को जारी हुआ। कंपनी ने सितंबर में लाइसेंस निलंबित किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसके बाद यह राहत मिली है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने 8 सितंबर को उबर और रैपिडो, दोनों कंपनियों के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए थे। इस फैसले के बाद शहर में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के विकल्प सीमित हो गए थे। अब रैपिडो का लाइसेंस बहाल होने से यात्रियों को एक बार फिर इस ऐप के जरिए सफर बुक करने की सुविधा मिल सकेगी।
अपनी अपील में रैपिडो ने कहा था कि उसने नियमों के पालन से जुड़ी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है और जरूरत पड़ने पर वह आगे की शर्तें पूरी करने के लिए भी तैयार है। कंपनी ने अपने सब्सक्रिप्शन मॉडल को लेकर भी सफाई दी। उसका कहना था कि वह सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस मॉडल पर काम करती है और ड्राइवरों से 500 रुपये की एक बार की सब्सक्रिप्शन फीस लेती है। यह फीस तब तक मान्य रहती है, जब तक ड्राइवर की राइड से होने वाली कमाई 10,000 रुपये तक नहीं पहुंच जाती।
कंपनी ने यह भी दलील दी कि उसका प्लेटफॉर्म सिर्फ ड्राइवरों और ग्राहकों को आपस में जोड़ने का काम करता है। किराया तय करने का फैसला ड्राइवर और ग्राहक आपसी सहमति से करते हैं। अब लाइसेंस बहाल होने के बाद रैपिडो को दो महीने तक प्रशासन की निगरानी में काम करना होगा। इस दौरान कंपनी के कामकाज और नियमों के पालन पर नजर रखी जाएगी।