चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में श्रमिकों और उनके परिवारों को राहत देते हुए लेबर वेलफेयर बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए हैं। बोर्ड ने पात्र विधवाओं और दिव्यांगों की मासिक पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी है। इसके अलावा महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व सहायता राशि बढ़ाने और श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए नई सुविधाएं शुरू करने को भी मंजूरी दी गई है।
ये फैसले गुरुवार को बोर्ड की नौवीं बैठक में लिए गए। बैठक की अध्यक्षता श्रम सचिव अनुराधा एस. चगती ने की। मातृत्व लाभ योजना के तहत महिला कर्मचारियों को वेतन की भरपाई और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए 21,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा नवजात बच्चे के नाम पर 10,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी कराई जाएगी।
बोर्ड ने कन्यादान योजना का दायरा भी बढ़ाया है। अब इसके तहत अविवाहित महिला कर्मचारियों को उनकी अपनी शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिल सकेगी। पहले इस योजना का लाभ अन्य पात्र मामलों में दिया जाता था।
पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप और डिजिटल सुविधा
श्रमिकों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ने सेल्फ स्टडी के जरिए पढ़ाई करने वाले कर्मचारियों को भी स्कॉलरशिप का लाभ देने का फैसला किया है। इसके साथ ही डिजिटल एजुकेशन योजना शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को लैपटॉप या तय डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए 25,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। यह सुविधा पात्रता की शर्तों के अधीन जीवन में केवल एक बार दी जाएगी।
बोर्ड के इन फैसलों का उद्देश्य श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना, महिला कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देना और उनके परिवारों के लिए शिक्षा व डिजिटल पढ़ाई के अवसर बढ़ाना है। बैठक में श्रम आयुक्त-सह-कल्याण आयुक्त निशांत कुमार यादव और सहायक श्रम आयुक्त-सह-बोर्ड सचिव आकाश मित्तल भी मौजूद रहे। अधिकारियों के मुताबिक, सभी नई सुविधाएं संबंधित योजनाओं के नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार लागू की जाएंगी।
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