चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ 'चिन्नी कुबाहरी' हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस केस में 'Zangi' नाम के एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है, जिसे आरोपी सर्विलांस से बचने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने मामले को अब एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी किलिंग) के रूप में दर्ज किया है, जिसकी जड़ में 8 एकड़ जमीन का एक विवादित सौदा है।
हत्याकांड के मुख्य पहलू:
'Zangi' ऐप का रहस्य: जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी आपस में संपर्क करने के लिए 'Zangi' का उपयोग कर रहे थे। यह एक इंटरनेट-आधारित प्लेटफॉर्म है जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और बहुत कम डेटा स्टोरेज के लिए जाना जाता है। पुलिस अब इस ऐप के जरिए किए गए कॉल रिकॉर्ड और चैट्स को खंगाल रही है ताकि सबूत जुटाए जा सकें।
हत्याकांड की साजिश: पुलिस ने इस मामले में अमरीन कौर राय, प्रॉपर्टी डीलर हरप्रीत सिंह, शूटर राजन उर्फ पीयूष और गैंगस्टर लकी पटियाल की भूमिका को संदिग्ध माना है। जांच में सामने आया है कि अमरीन ने कथित तौर पर चिन्नी कुबाहरी को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लकी पटियाल की मदद ली थी। राजन उर्फ पीयूष ने इस पूरी योजना में एक कड़ी (conduit) का काम किया था।
असफलता के बाद सफलता: यह खुलासा भी हुआ है कि हमलावरों ने चिन्नी कुबाहरी को मारने की 8 बार कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहे। आखिरकार 9वीं कोशिश में वे उसे मारने में कामयाब रहे। आरोपियों ने सेक्टर 9 के एक जिम के पास और न्यू चंडीगढ़ के नगरा एस्टेट ऑफिस में भी कई बार रेकी की थी।
हत्या का कारण: पुलिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद न्यू चंडीगढ़ में 8 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर है। अमरीन का आरोप था कि उसे जमीन के सौदे में ठगा गया है और उसे जमीन का कब्जा भी नहीं मिला। सौदे में 1.75 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का रेट तय हुआ था, जिसके बदले अमरीन ने करीब 4 करोड़ रुपये एडवांस दिए थे।
पुलिस कार्रवाई:
चंडीगढ़ पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर हरप्रीत सिंह को एक दिन की रिमांड पर लिया है ताकि उसे सह-आरोपी अमरीन कौर राय के सामने बैठाकर पूछताछ की जा सके। पुलिस अब अमरीन के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच करवा रही है ताकि हत्या की साजिश का पूरा घटनाक्रम साफ हो सके।