चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब पुलिस ने हैदराबाद के एक स्वतंत्र पत्रकार और इतिहासकार हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सिद्दीकी को चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाना पुलिस ने हिरासत में लिया और रविवार, 9 मई को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मामले का मुख्य विवरण:
विवाद की जड़: सिद्दीकी ने शिक्षाविद् मधु किश्वर द्वारा साझा किए गए एक वीडियो को रीट्वीट किया था। आरोप है कि इस वीडियो में एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक और फर्जी जानकारी प्रसारित की गई थी। अब वह पोस्ट हटा ली गई है।
दर्ज धाराएं: पुलिस ने स्थानीय निवासी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (शत्रुता को बढ़ावा देना), 336 (1) (जालसाजी), और 356 (आपराधिक मानहानि) के साथ-साथ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पिछले महीने इसी मामले में मधु किश्वर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
गंभीर स्वास्थ्य स्थिति: रिपोर्टों के अनुसार, हसन सिद्दीकी गंभीर अग्नाशयशोथ (Severe Pancreatitis) से पीड़ित हैं और उन्हें निरंतर चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है। उनके परिवार और शुभचिंतकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
शिकायतकर्ता का आरोप:
शिकायतकर्ता का दावा है कि विभिन्न सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा जानबूझकर अश्लील टेक्स्ट और भ्रामक क्लिप प्रसारित किए जा रहे हैं। यह कृत्य सार्वजनिक शांति को भंग करने और एक उच्च अधिकारी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह एक फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने का प्रयास था, जिसका उद्देश्य भ्रम फैलाना था। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य सोशल मीडिया हैंडल की भी निगरानी कर रही है जिन्होंने इस वीडियो को साझा किया था।