चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब के 180 ETT (Elementary Teacher Training) शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षक अपने परिवारों के साथ वहां पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 साल से न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के एक क्लर्क को निलंबित करने की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि इसी क्लर्क ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की और अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए अनियमितताएं कीं।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री ने कहा था कि उनके पास क्लर्क को निलंबित करने का अधिकार नहीं है और वे मुख्यमंत्री के साथ बैठक की व्यवस्था करेंगे। हालांकि, शिक्षकों का आरोप है कि इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पिछले एक सप्ताह में कई बार बैठक और बातचीत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
शिक्षकों ने बताया कि उनकी भर्ती 2016 में हुई थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कथित खामियों के चलते उन्हें बाद में बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें दोबारा बहाल किया गया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बाद में एक आईएएस अधिकारी की रिपोर्ट में भर्ती की समस्या के लिए क्लर्क की गलती को जिम्मेदार बताया गया और 180 ETT शिक्षकों को दोषी नहीं माना गया। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने प्रदर्शन किया।