चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित गबन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के फंड में कथित हेराफेरी से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से संबंधित है। एजेंसी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
हरियाणा सरकार के फंड से जुड़े मामले में सीबीआई ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में दो निजी व्यक्तियों—सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटौदिया और बिल्डर विक्रम वाधवा—को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों को कथित अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी पाया गया है। इससे पहले इसी मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है, जिनमें सरकारी कर्मचारी, बैंक अधिकारी, कंपनियां और निजी व्यक्ति शामिल हैं।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि हरियाणा सरकार के विभागों के सैकड़ों करोड़ रुपये फर्जी दस्तावेजों और खातों के जरिए विभिन्न माध्यमों से डायवर्ट किए गए। आरोप है कि राजन कटौदिया के स्वामित्व वाले सावन ज्वेलर्स के खातों में 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई, जिसका इस्तेमाल बैंकिंग लेनदेन के बदले नकदी उपलब्ध कराने और धन को ठिकाने लगाने के लिए किया गया। वहीं विक्रम वाधवा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी शेल कंपनियों और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के जरिए इस धन का बड़ा हिस्सा प्राप्त कर उसे जमीन और संपत्तियों में निवेश किया।
दूसरी ओर, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सात आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने दोनों मामलों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी नई चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।