चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ प्रशासन ने सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पेट्रोल राशनिंग और खरीद सीमा से जुड़े दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच फैली इन अफवाहों के कारण शहर में कई जगह लोगों ने घबराहट में पेट्रोल भरवाना शुरू कर दिया था।
डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से ईंधन बिक्री पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने दोपहिया वाहनों के लिए 500 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 1500 रुपये तक पेट्रोल देने की सीमा संबंधी खबरों को “पूरी तरह भ्रामक और बेबुनियाद” बताया।
प्रशासन के मुताबिक, सेक्टर-17 स्थित एक पेट्रोल पंप पर रविवार को अस्थायी सप्लाई दिक्कत आई थी। इसी वजह से वहां कर्मचारियों को सीमित मात्रा में पेट्रोल देने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक सामान्य परिचालन निर्णय था और इसका किसी बड़े ईंधन संकट से कोई संबंध नहीं था। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा खुद से लिमिट संबंधी पोस्टर लगाने के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
तेल विपणन कंपनियों ने भी बयान जारी कर कहा कि सभी डिपो और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और नियमित सप्लाई जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में पेट्रोल जमा करने से बचें।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो।