चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू हो गई हैं। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशिक्षण, डिजिटल मॉनिटरिंग और कार्यान्वयन की रूपरेखा तय की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित होगी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। पहला चरण मई 2026 में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना से शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 से जनसंख्या गणना का होगा। फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। 20 फरवरी से 29 अप्रैल तक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेंगे, जिसके बाद हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएशन को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि हर परिवार और क्षेत्र का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके।
पूरे शहर को 10 चार्ज (जोन) में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एसडीएम व वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। करीब 2800 कर्मचारी और अधिकारी इस अभियान में तैनात रहेंगे। डेटा संग्रह और निगरानी के लिए सेंसेस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम और एचएलबी क्रिएटर एप का उपयोग होगा। जोनल अधिकारियों को डिजिटल उपकरणों, डेटा शुद्धता और गुणवत्ता जांच को लेकर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, निदेशक एवं मुख्य प्राचार्य जनगणना अधिकारी डॉ. नवजोत खोसा और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सत्यापन प्रक्रिया में प्री-मैपिंग डेटा का उपयोग किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अब तक 6100 मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां पाई गई हैं और करीब 62.5 प्रतिशत सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है। शहर में लगभग 6.4 लाख पंजीकृत मतदाता और अनुमानित 13.64 लाख की आबादी है। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड और फील्ड मॉनिटरिंग के जरिए जनगणना 2027 को सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा।