चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कैब ड्राइवरों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता नजर आया। सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में धरना दे रहे ड्राइवर बुधवार को प्रशासक के जनता दरबार में अपनी मांगें रखने के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कुछ यूनियन प्रतिनिधियों को सेक्टर-3 थाने ले गई।
चंडीगढ़ ट्राइसिटी ड्राइवर यूनियन और जय मां दुर्गा ऑटो रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व यूनियन प्रधान अमनदीप सिंह कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर जनता दरबार में जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सचिवालय जाने की अनुमति नहीं दी। बाद में रैली ग्राउंड में लगाए गए टेंट भी हटवा दिए गए।
यूनियन की मुख्य मांग कैब किराया दर में बढ़ोतरी को लेकर है। ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा 25 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर किया जाए। उनका तर्क है कि पिछले एक वर्ष में सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आय और आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
प्रदर्शनकारी ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। यूनियन नेताओं का कहना है कि पुलिस ने पहले उन्हें सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में धरना देने की सलाह दी थी, लेकिन अब अनुमति न होने का हवाला देकर टेंट हटवा दिए गए। ड्राइवरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।