चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में इमारत गिरने की घटना में दो लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रशासन ने पूरे शहर में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
उपायुक्त निशांत यादव ने कहा कि इस हादसे ने विशेष रूप से पुरानी और मरम्मत के दौर से गुजर रही इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां मरम्मत का कार्य चल रहा था।
प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच पूर्वी उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) करेंगे। जांच में एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच और चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी सहयोग करेंगे।
जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इमारत गिरने की वजह क्या थी, क्या मरम्मत कार्य के दौरान कोई लापरवाही हुई या फिर इमारत में पहले से कोई संरचनात्मक कमजोरी थी। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त निशांत यादव ने नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें कोई इमारत जर्जर या असुरक्षित दिखाई दे तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि शनिवार को इमारत गिरने के तुरंत बाद चंडीगढ़ प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में फंसे कई अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।