चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम (MC) की पिछली जनरल हाउस बैठक में आनन-फानन में पास किए गए 'टेबल एजेंडों' (Table Agendas) को लेकर जारी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस के पूर्व पार्षदों व पूर्व महापौरों तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त अमित कुमार से अलग-अलग मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
कांग्रेस के पूर्व महापौरों और नेताओं ने निगम आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि हाउस की बैठकों का संचालन पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के तहत ही किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के तहत टेबल एजेंडों को वापस लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसके साथ ही, टेंडर आवंटन से जुड़े मामलों को जनरल हाउस के समक्ष लाए जाने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हाउस का काम नीति निर्माण करना है, न कि टेंडर निष्पादन से जुड़ी कार्यकारी प्रक्रियाएं संभालना।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 31 जुलाई 2026 की बैठक में पास किए गए ₹227 करोड़ के एजेंडे सहित सभी टेबल एजेंडों को तुरंत वापस लेने की मांग की। आप नेताओं ने 20 अगस्त को होने वाली आगामी जनरल हाउस बैठक में इन टेबल एजेंडों को शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई और मांग की कि इन सभी एजेंडों को नियमित और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनः हाउस के समक्ष लाया जाए।