चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी मांगों के समर्थन में 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। फेडरेशन ने बैंक प्रबंधन पर कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि अवार्ड स्टाफ (लिपिकीय और अधीनस्थ कर्मचारी) से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए प्रबंधन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो कर्मचारी देश भर में कामकाज ठप करने के लिए मजबूर होंगे।
इस विरोध की शुरुआत करते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय (LHO) के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार झिंगन और महासचिव इकबाल सिंह मल्ही ने प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भर्ती प्रक्रिया में देरी और स्टाफ की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चल रहे विवादों को सुलझाया नहीं गया, तो बैंक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बैंक कर्मचारियों का मुख्य आक्रोश इस बात पर है कि प्रबंधन उनकी बुनियादी समस्याओं और अधिकारों को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है। विशेष रूप से नई भर्तियों में हो रही देरी और कर्मचारियों के लिए घोषित योजनाओं को लागू करने में बरती जा रही सुस्ती से स्टाफ में भारी रोष है। फेडरेशन के अनुसार, वे लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक संवाद या समाधान की दिशा में प्रयास नहीं किए गए हैं।
इस हड़ताल की चेतावनी ने प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि 25 और 26 मई को यह प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ेगा और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रबंधन हड़ताल की तारीख से पहले यूनियन नेताओं के साथ कोई सार्थक बातचीत करता है या फिर देश भर के बैंकिंग कामकाज पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे।