चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: सरकारी स्कूल में महिला स्टाफ के उत्पीड़न का मामला अब और गंभीर हो गया है। यूटी शिक्षा सचिव ने एसएसपी को पत्र लिखकर 24 महिला कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षरित शिकायत पर आपराधिक जांच (Criminal Inquiry) शुरू करने की मांग की है। यह मामला प्रशासनिक स्तर पर शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। शिक्षा विभाग ने इस शिकायत को "अति आवश्यक" (Most Urgent) श्रेणी में रखते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच करने को कहा है। शिकायत में यौन उत्पीड़न, अकादमिक उत्पीड़न और अन्य अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पत्र मिलने की पुष्टि की है। एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि पत्र गुरुवार को प्राप्त हुआ था और संबंधित एसएचओ को शनिवार को स्कूल जाकर मामले की प्रारंभिक जांच और सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएचओ सभी संबंधित पक्षों से बात करेंगे, जिसके बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह मामला अब तीन अलग-अलग स्तरों पर चल रहा है: विभागीय जांच, सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के समक्ष कार्यवाही, और अब पुलिस की आपराधिक जांच। शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आरोपी का ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन CAT ने उस आदेश पर रोक (Stay) लगा दी थी। 29 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी रिकॉर्ड पर पेश नहीं की गई थी।
बता दें कि मूल शिकायत 12 फरवरी को स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को दी गई थी। 24 महिला स्टाफ सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित इस शिकायत में अभद्र और लिंग आधारित भाषा के इस्तेमाल, डराने-धमकाने और अनुचित शारीरिक निकटता (Unwelcome physical proximity) जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का स्पष्ट आरोप है कि आरोपी के व्यवहार ने स्कूल में एक "असुरक्षित और अपमानजनक कार्य वातावरण" बना दिया है।