चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: लद्दाख प्रशासन की इमरजेंसी मेडिकल इवैक्यूएशन की अपील पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक गंभीर रूप से बीमार 70 वर्षीय मरीज को लेह से चंडीगढ़ पहुंचाया। मरीज को IAF के C-130 विमान से एयरलिफ्ट किया गया। समय पर हुई इस कार्रवाई से मरीज को चंडीगढ़ में जरूरी और बेहतर मेडिकल सुविधा मिल सकी।
यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया गया। रात के घने अंधेरे, कठिन हिमालयी इलाके और खराब मौसम के बीच C-130 विमान ने उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना ने नाइट विजन गॉगल्स की मदद से मिशन को पूरा किया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, इस ऑपरेशन ने न सिर्फ मरीज को समय पर इलाज दिलाने में मदद की, बल्कि मुश्किल हालात में भी मानवीय सहायता के लिए वायुसेना की तत्परता और प्रोफेशनल क्षमता को दिखाया।
IAF का C-130 विमान रात में भी ऑपरेशनल और मानवीय सहायता से जुड़े मिशन करता है, जहां कम रोशनी के कारण विजिबिलिटी बड़ी चुनौती होती है। करीब एक सप्ताह पहले भी वायुसेना ने AN-32 विमान से लेह के दो गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ पहुंचाया था। इनमें से एक मरीज को दिल से जुड़ी समस्या थी। लद्दाख में सेना और आम नागरिकों के लिए इस तरह के रेस्क्यू और मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन समय-समय पर किए जाते हैं।
गंभीर मामलों में मरीजों को फिक्स्ड-विंग विमानों से चंडीगढ़, श्रीनगर या जम्मू जैसे बड़े शहरों तक पहुंचाया जाता है, जहां बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं, दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों और घायलों को कई बार हेलिकॉप्टरों के जरिए भी निकाला जाता है। लद्दाख का बेहद ठंडा मौसम, कम ऑक्सीजन, भूस्खलन और हिमस्खलन जैसी स्थितियां वहां तैनात जवानों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बनती हैं। ऐसे हालात में IAF और आर्मी एविएशन कॉर्प्स लगातार मेडिकल इवैक्यूएशन में मदद करते हैं।