चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ जिला अदालत में सामने आए 700 ट्रैफिक चालान भुगतान घोटाले के मुख्य आरोपी कोर्ट कर्मचारी विशाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। आंतरिक जांच में उसे पद का दुरुपयोग करने, सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी करने और सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट प्रशासन ने उसके खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई की है।
जांच के दौरान विशाल को कई बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और कोर्ट कर्मचारी उसके खरड़ स्थित पते पर भी भेजे गए, लेकिन वह वहां नहीं मिला। बाद में अदालत ने अखबार में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कर सात दिनों के भीतर पेश होने के निर्देश दिए। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी उसके सामने न आने पर उसे नौकरी से हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से अपने परिवार सहित फरार है।
घोटाले का खुलासा एक ट्रैफिक चालान से जुड़े मामले के दौरान हुआ। एक अधिकारी ने अपने चालान के निपटारे को लेकर एक जज से संपर्क किया था। बाद में जब बिना निर्धारित प्रक्रिया के चालान का भुगतान दिखाया गया तो जज को संदेह हुआ। रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि कई चालानों का निपटारा नियमों के विपरीत किया गया था। इसके बाद गहन जांच शुरू की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि करीब 700 ट्रैफिक चालानों का भुगतान रिकॉर्ड में दर्शाया गया, लेकिन संबंधित राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं कराई गई। साथ ही कंप्यूटर सिस्टम से कई रिकॉर्ड और एंट्रियों को हटाने की कोशिश भी की गई। मामले में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत विभिन्न अदालतों में इस्तेमाल होने वाली करीब 20 अहलमद आईडी भी बंद कर दी हैं और अब ट्रैफिक चालान से जुड़े कार्यों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।