चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ की नई मतदाता सूची जारी होने के बाद शहर में करीब 2 लाख मतदाताओं की संख्या कम होने का मुद्दा उठ गया है। सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी को पत्र लिखकर 2024 से अब तक हटाए गए या अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए हर मतदाता का वार्ड और बूथ के हिसाब से पूरा ब्योरा मांगा है। उन्होंने नाम, वार्ड, बूथ नंबर, ईपीआईसी नंबर, नाम हटाने या शामिल न करने की तारीख और इसकी दर्ज वजह बताने की मांग की है।
तिवारी ने कहा कि 1 जून 2024 से 22 सितंबर 2026 के बीच चंडीगढ़ की मतदाता संख्या में 1,99,596 की कमी आई है, जो करीब 30.26 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी पूछा है कि जिन मतदाताओं को ‘दूसरी जगह पंजीकृत’ बताया गया है, उनकी नई जगह की जानकारी भी दी जाए। इसके अलावा जिन लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं मिले और इसी वजह से उनके नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं आए, उनके मामले में फील्ड वेरिफिकेशन के बाद दर्ज कारण भी मांगे गए हैं।
चुनाव विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 जुलाई 2026 तक चंडीगढ़ में 5,16,427 मतदाता थे। घर-घर एन्यूमरेशन के दौरान 4,50,282 फॉर्म वापस मिले, जबकि 66,145 फॉर्म वापस नहीं आए और इन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची से बाहर रखा गया। विभाग ने इनके संभावित कारणों में शिफ्ट होना, अनुपस्थित होना, मृत्यु, डुप्लीकेट और अन्य मामले बताए थे। 21 जुलाई को जारी ड्राफ्ट सूची में 4,50,282 मतदाता थे, जिसके बाद दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया में 15,117 नाम जोड़े गए और 5,190 नाम हटाए गए।
22 सितंबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 4,60,209 मतदाता दर्ज हैं, यानी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले 9,927 मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई। चुनाव विभाग के मुताबिक, एसआईआर के दौरान 17,891 दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई की गई और 4,644 मतदाताओं को सुनवाई के बाद अयोग्य पाया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी ने कहा है कि अंतिम मतदाता सूची ईआरओ, एईआरओ और बूथ लेवल अधिकारियों के कार्यालयों में जांच के लिए उपलब्ध है और इसे आधिकारिक वेबसाइट से भी देखा जा सकता है।