चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: मानसा में वकीलों ने मंगलवार को एसएसपी वैभव चौधरी से मुलाकात के बाद अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट गुरदास सिंह मान ने बताया कि पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया है कि एडवोकेट अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले को कानून के मुताबिक देखा जाएगा और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं को बदलने की मांग पर विचार किया जाएगा। वकील बुधवार से दोबारा काम पर लौटेंगे।
मानसा जिला बार एसोसिएशन ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की उन सभी बार एसोसिएशनों से भी काम शुरू करने की अपील की है, जिन्होंने मानसा के वकीलों के समर्थन में काम बंद रखा था। गुरदास सिंह मान ने कहा कि मंगलवार को ही सभी संबंधित बार एसोसिएशनों को हड़ताल खत्म करने के फैसले की जानकारी दे दी गई है।
दरअसल, मानसा के एडवोकेट अमनिंदर सिंह मान के खिलाफ 18 अगस्त को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि उन्होंने 7 जुलाई को सोशल मीडिया पर पंजाब स्टेट कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स के तत्कालीन चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी को लेकर आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी की थी। गढ़ी ने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
वकीलों का कहना था कि सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसा कोई कंटेंट नहीं था, जिसके आधार पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए। एफआईआर के मुताबिक, आयोग ने 14 जुलाई को मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को केस दर्ज करने और कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को एसएसपी से मुलाकात के दौरान वकीलों ने अपनी आपत्ति रखी। एसएसपी ने कहा कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि मामले में कानून के मुताबिक न्याय किया जाएगा और वकीलों की ओर से दी गई मांग पर विचार किया जाएगा।