चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंज.ीत कौर की मौत के मामले में इलाज के दौरान रिकॉर्ड किया गया कथित वीडियो सामने आने से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में मंज.ीत अपनी हालत और घटना के बारे में बताते हुए दावा कर रही हैं कि उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। वीडियो में वह सुरजीत, शुभी, नेहा और शुभी के साथ आए दो लोगों पर आग लगाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की अपील करती दिखाई दे रही हैं।
गंभीर रूप से झुलसने के बाद मंज.ीत को पहले मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि वायरल हुआ वीडियो पीजीआई में इलाज के दौरान ही रिकॉर्ड किया गया था। मंज.ीत करीब तीन महीने तक जिंदगी और मौत से जूझती रहीं, लेकिन अगस्त के आखिरी हफ्ते में उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। परिवार की शुरुआती शिकायत में मंज.ीत को अगवा करने और उसके बाद आग लगाने का आरोप लगाया गया था। अब सामने आए वीडियो को पुलिस जांच का अहम हिस्सा मानकर उसकी सत्यता, रिकॉर्डिंग कब और किन परिस्थितियों में हुई और वीडियो में मंज.ीत की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर सकती है। पुलिस यह भी देखेगी कि वीडियो में बताए गए घटनाक्रम और अब तक की जांच में कितनी समानता है।
इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान परमिंदर सिंह उर्फ पिंडा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पिंडा कथित मुख्य आरोपी रिंकू का सहयोगी है। उससे पूछताछ कर हमले की पूरी कड़ी और मंज.ीत की मौत से जुड़े घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पुलिस कथित मुख्य आरोपी रिंकू की तलाश में जुटी है, जो अभी फरार बताया जा रहा है।