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पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी छात्रा की संदिग्ध करंट लगने से मौत, छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, July 29, 2026

चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब यूनिवर्सिटी में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पीएचडी शोधार्थी ज्योति की संदिग्ध करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 के पास जलभराव वाले रास्ते पर हुई। हादसे के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

जानकारी के अनुसार, हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली ज्योति सुबह करीब 9:15 बजे अपने विभाग में वार्षिक प्रगति रिपोर्ट जमा करने जा रही थीं। छात्रों का आरोप है कि जलभराव वाले रास्ते से गुजरते समय उन्हें करंट लगा और वह वहीं गिर पड़ीं। साथी छात्रों ने उन्हें तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, कैंपस के बुनियादी ढांचे की जांच के लिए ऑडिट समिति के गठन, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी के निलंबन और कुलपति के इस्तीफे की मांग की। छात्र नेताओं ने इस घटना को "संस्थागत हत्या" बताते हुए कहा कि सुरक्षा संबंधी शिकायतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था।

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार, जिस बिजली के खंभे की बात कही जा रही है, वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर है और उसके तार सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर जांच शुरू कर दी है।

कुलपति प्रो. रेणु विग ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। वहीं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन गुप्ता और शोध मार्गदर्शक प्रो. दीपक कुमार राही ने ज्योति को एक प्रतिभाशाली शोधार्थी बताते हुए कहा कि उनकी पीएचडी पूरी होने में केवल एक वर्ष बाकी था।

इस घटना के बाद छात्रों ने साउथ कैंपस में स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था की कमी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर दोनों कैंपस के बीच शटल सेवा होती और जलभराव की समस्या समय रहते दूर की जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


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