चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में सोमवार को छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और बम स्क्वॉड की टीमों ने कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। सेक्टर 15, 28, 31, 39, 41 और 45 के स्कूलों में सुरक्षा जांच की गई, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक किसी भी जगह से कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला। धमकी के बाद स्कूलों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
लगातार मिल रही ऐसी धमकियों को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस स्कूलों के लिए एक खास एसओपी भी तैयार कर रही है। इसमें बम धमकी मिलने पर स्कूल प्रशासन को क्या करना है और पुलिस व दूसरी एजेंसियों से किस तरह संपर्क और तालमेल रखना है, इसकी जानकारी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ये दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। एसओपी अगले कुछ दिनों में जारी की जा सकती है और इसके बाद स्कूल प्रिंसिपलों के लिए ट्रेनिंग सेशन भी रखा जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, इस साल अब तक कई प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के अलावा पंजाब-हरियाणा सचिवालय, हाईकोर्ट और जिला अदालत परिसर को भी बम धमकी वाले कॉल या ईमेल मिल चुके हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में आरोपी खास ऐप्स का इस्तेमाल करके गुमनाम तरीके से ईमेल भेजते हैं। इसके अलावा वीपीएन के जरिए इंटरनेट ट्रैफिक को अलग-अलग देशों से रूट किया जाता है, जिससे आरोपियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर धमकी देने वालों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले साल फर्जी धमकी वाले कॉल करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें पश्चिम बंगाल से जुलाई 2025 में पकड़ा गया सौरव बिस्वास भी शामिल था। पुलिस का आरोप था कि बिस्वास बांग्लादेश से भारत आया था और उसने कई जीमेल अकाउंट ऑनलाइन बेचे थे। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की फर्जी धमकियों से शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों में बेवजह डर का माहौल बनता है।