चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-38 में एमबीए छात्रा की सनसनीखेज हत्या और दुष्कर्म मामले में आखिरकार 15 साल बाद बड़ा फैसला सामने आ गया है। जिला अदालत ने कुख्यात सीरियल किलर मोनू कुमार को दोषी करार दे दिया है। शुक्रवार को कोर्ट उसकी सजा तय करेगी, जिससे पीड़ित परिवार की लंबे समय से चली आ रही न्याय की उम्मीद अब पूरी होती दिख रही है।
यह केस इतने सालों तक इसलिए भी चर्चाओं में रहा क्योंकि वर्ष 2010 में 21 साल की छात्रा का शव मिलने के बाद पुलिस लगातार जांच करती रही, मगर मोनू हाथ नहीं आया। पिछले साल पुलिस ने शाहपुर कॉलोनी निवासी मोनू को गिरफ्तार किया और खुलासा हुआ कि छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या उसी ने की थी। यही नहीं, उस पर दो और महिलाओं की हत्या के आरोप हैं और इनमें से एक के साथ उसने दुष्कर्म भी किया था। ड्राइवर के रूप में काम करने वाला मोनू इतने साल पुलिस से बचने के लिए मोबाइल तक इस्तेमाल नहीं करता था।
इस मामले को जोड़ने में पुलिस को सबसे बड़ी मदद डीएनए रिपोर्ट से मिली। छात्रा के शव से लिये गए सैंपल का 100 से ज्यादा लोगों से मिलान किया गया, लेकिन सालों तक सब निष्फल रहा। पुलिस ने एक समय पर अनट्रेस रिपोर्ट तक दाखिल कर दी थी, पर अंदरखाते संदिग्धों पर नजर रखना जारी रखा गया। हर नए आरोपी का डीएनए छात्रा के डीएनए से मैच कराया जाता था।
आखिर 2024 में मोनू पर शक गहराया और उसका डीएनए लिया गया। जब रिपोर्ट सामने आई, तो पता चला कि वही इस खौफनाक वारदात का असली गुनहगार है। डीएनए मैच होने के बाद पुलिस ने उसे केस में चार्जशीट कर अदालत के हवाले किया और अब 15 साल की लंबी जांच के बाद अदालत ने उसे दोषी घोषित कर दिया है।