चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हरियाणा के रोहतक जिले के लाखनमाजरा स्टेडियम में हुए दुखद हादसे के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। मंगलवार सुबह राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी (16) अभ्यास के दौरान पोल गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए और रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। हार्दिक ने पहले तीन सब जूनियर नेशनल और एक यूथ नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेकर देश का नाम रोशन किया था। हादसे के तुरंत बाद खेल मंत्री गौरव गौतम ने दो खेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया और 22 जिलों के स्पोर्ट्स ऑफिसर्स से जिले में खेल संबंधी पूरी जानकारी तलब की।
हादसा तब हुआ जब कोच मोहित राठी की देखरेख में खिलाड़ी अभ्यास कर रहे थे। रेस्ट के दौरान हार्दिक ने नेट में गेंद डालने का अभ्यास किया, तभी उसकी अंगुली जाल में फंस गई और पोल उसके सीने पर गिर गया। उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोग कहते हैं कि अगर सांसद कोटे से 20 लाख की ग्रांट समय पर पोल सुधार के लिए दी जाती, तो हार्दिक की जान बच सकती थी।
लाखनमाजरा गांव में बास्केटबॉल का लंबे समय से क्रेज रहा है। इस गांव से अब तक 16 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुके हैं, जिनमें सुनील राठी, नरेंद्र राठी, विनय कौशिक और सोमबीर राठी शामिल हैं। इसके अलावा, 50 से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। 20 साल पहले यहां युवा स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना हुई थी।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, 18 साल पहले सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सांसद कोटे से स्टेडियम बनवाया था। स्टेडियम में लगा पोल अब जर्जर हो चुका था। हार्दिक राठी और शेखर राठी का चयन इंदौर अकादमी में अभ्यास के लिए हुआ था, हार्दिक प्रदेश से चयनित दूसरे खिलाड़ी थे। इस हादसे ने पूरे खेल समुदाय को झकझोर दिया है और खेल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।