चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-15 के मशहूर वकील और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले जतिन सलवान को सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने अपने क्लाइंट से कहा था कि केस में मदद दिलाने के लिए जज तक पैसे पहुंचाने होंगे। इस काम में उनके साथ सेक्टर-41 के सतनाम सिंह को भी पकड़ा गया। सीबीआई ने बताया कि उनके पास पूरी फोन रिकॉर्डिंग मौजूद है और 5 लाख रुपए की पहली किस्त लेते समय दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया गया।
शुरुआत 13 अगस्त को हुई जब फिरोजपुर की बेदी कॉलोनी निवासी हरसिमरनजीत सिंह ने सीबीआई में शिकायत दी। उनकी कजिन का तलाक केस बठिंडा कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान वकील जतिन सलवान लगातार दबाव डाल रहे थे कि अगर फैसला अपने हक में चाहिए तो 30 लाख रुपए देने होंगे। यहां तक कि उन्होंने कहा था कि जज का खास आदमी पैसे लेने आएगा और उसके बाद फैसला पक्ष में हो जाएगा। जब शिकायतकर्ता ने रकम घटाने की बात की, तो वकील का जवाब था कि “रिश्वत के पैसे कभी कम नहीं होते।”
इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और 5 लाख की रकम लेते ही सलवान और सतनाम को पकड़ लिया। फिलहाल दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब 18 अगस्त को उन्हें दोबारा पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच में नई जानकारियां मिलती हैं, तो आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
गौरतलब है कि जतिन सलवान का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। साल 2015 में मलोया थाना क्षेत्र में दर्ज NDPS केस में उन पर धारा 120-B के तहत आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि उन्होंने पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर और अन्य लोगों के साथ मिलकर किसी को गलत तरीके से फंसाने की साजिश रची थी। उस समय मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और वकीलों ने उनके समर्थन में कामकाज तक ठप कर दिया था।