चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में यूटी पुलिस के निलंबित डीएसपी राम चंद्र मीणा को दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसी केस में शामिल केएलजी होटल ग्रुप के मालिक अमन ग्रोवर को 4 साल की सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।
यह मामला 12 अगस्त 2015 का है, जब सीबीआई ने इकोनॉमिक सेल के एसआई सुरेंद्र और बर्कले ऑटोमोबाइल्स के मालिक संजय दहूजा को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान डीएसपी मीणा और अमन ग्रोवर की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। यह रिश्वत केएलजी होटल ग्रुप के मालिक अमन ग्रोवर की सास दीपा दुग्गल द्वारा दर्ज कराए गए संपत्ति विवाद केस को सुलझाने के नाम पर मांगी गई थी।
इस केस में एसआई सुरेंद्र की मौत हो चुकी है, जबकि संजय दहूजा सरकारी गवाह बन गया। जांच के दौरान इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह और जसविंदर सिंह को भी गवाह बनाया गया। सीबीआई ने इस मामले में 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 30 लोगों को गवाह के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।