चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग में भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप सामने आया है। निगम कर्मचारी विकास ने मीडिया के सामने आकर कहा कि विभाग के अफसर और इंस्पेक्टर हर महीने लाखों रुपये की वसूली करवाते हैं। विकास का आरोप है कि उससे जबरन खाली कागज पर साइन करवाए गए और दबाव बनाकर झूठा वीडियो भी बनवाया गया, लेकिन उसका पहला वीडियो ही असली सच है।
विकास ने बताया कि वह इंफोर्समेंट विंग में काम करता था और उसे आदेश दिया गया था कि वेंडर्स से हर महीने 4 से 6 लाख रुपये तक इकट्ठा करे। उसने कहा कि चालान की राशि तो डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा नहीं होती, लेकिन उससे कहीं अधिक पैसे अफसरों को देने पड़ते हैं। यही नहीं, जब उसने इनकार किया तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई और दबाव बढ़ा दिया गया।
मीडिया के सामने आए विकास ने अपने परिवार को भी गवाही में शामिल किया। उसकी पत्नी और बेटी ने भी कहा कि वह घर रोज़ पैसों की गड्डियां लाता था और बताता था कि ये अफसरों को देने के लिए हैं। विकास ने एक इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि उसने वसूली में अपंग और गरीब तक को नहीं छोड़ा। यहां तक कि इस दबाव के चलते उसका साथी जसपाल सुसाइड तक कर चुका है।
इस मामले पर सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट के प्रधान मुकेश गोयल ने भी नगर निगम कमिश्नर को शिकायत देकर सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ईमानदारी से जांच हो तो बहुत बड़ा घोटाला सामने आएगा। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग नगर निगम के अफसरों की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।