चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में हेड कांस्टेबल नितिन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस अब उस शख्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने उनके 18 साल के बेटे अरमान को देसी पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। अरमान पर शुक्रवार सुबह अपने 45 साल के पिता की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे तीन दिन की रिमांड पर लिया है और पूछताछ के दौरान हथियार के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है।
पुलिस को शक है कि अरमान ने हत्या से करीब 10 दिन पहले उत्तराखंड के हरिद्वार से यह हथियार खरीदा था। इसके बाद पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश में भी संभावित हथियार सप्लायर की तलाश कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पिस्तौल किससे खरीदी गई और आरोपी तक यह हथियार कैसे पहुंचा।
मामले में अरमान की एक महिला दोस्त से जुड़े पहलू की भी जांच हो रही है। पुलिस के मुताबिक, अरमान उसी महिला के साथ रह रहा था और उससे शादी करना चाहता था। उसने पूछताछ में महिला के गर्भवती होने की बात भी कही है, लेकिन पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल महिला की इस हत्या में सीधी भूमिका सामने नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक अरमान बेरोजगार था और इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा था। उसने सेक्टर 45 के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की थी। वह सेकेंड हैंड ऑटोमोबाइल का कारोबार शुरू करने के लिए पिता से पैसे मांग रहा था, लेकिन नितिन कुमार ने पैसे देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे उसने कथित तौर पर पिता को गोली मार दी और घटना को किसी बाहरी व्यक्ति की करतूत दिखाने की कोशिश की। मां को घटना का पता चलने के बाद उस पर भी हमला करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि अरमान पूछताछ में बार-बार बयान बदल रहा था, इसलिए रिमांड के दौरान उससे विस्तार से पूछताछ की जा रही है।