चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब के राजपुरा और बटाला में हाल ही में हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। शुक्रवार देर रात शहरभर में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसके तहत सभी प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर कड़ी नाकाबंदी कर वाहनों की गहन जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की और आवश्यकता पड़ने पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर भी जांच की।
ऑपरेशन सेल की टीम ने शहर के क्लब, बार, होटल और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में अचानक तलाशी अभियान चलाया। इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की निगरानी में पुलिस ने लोगों की पहचान का सत्यापन किया और यह भी सुनिश्चित किया कि सभी प्रतिष्ठान तय समय के अनुसार बंद हो रहे हैं। बाहरी राज्यों से आए लोगों पर भी विशेष नजर रखी गई। पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार, राजपुरा फायरिंग की जिम्मेदारी विदेश में छिपे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों और राणा ढिल्लों के गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए ली थी। हालांकि, चंडीगढ़ के क्लबों को निशाना बनाए जाने संबंधी किसी भी सूचना की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
शुक्रवार शाम को एसएसपी कंवरदीप कौर ने पुलिस मुख्यालय में सभी डीएसपी के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नाकाबंदी, गश्त और चेकिंग अभियान की व्यक्तिगत निगरानी करने के साथ थाना प्रभारियों को मैदान में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के होटल, गेस्ट हाउस, बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में लगातार जांच अभियान जारी है।
इस बीच, सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप के कैशियर जानकी दास हत्याकांड के बाद गोल्डी ढिल्लों गैंग एक बार फिर चर्चा में है। जांच के दौरान सामने आया था कि गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी लेते हुए ऑडियो जारी किया था और बाद में मेडिकल कारोबारियों से कथित तौर पर रंगदारी मांगने तथा धमकी देने के आरोप भी लगे। इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।