चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल शॉप के कैशियर जानकी दास हत्याकांड की जांच में पुलिस को अब तक सबसे बड़ी चुनौती हत्या में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी बनी हुई है। जांच के दौरान सामने आया है कि वारदात के बाद शूटरों ने तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल समेत दो हथियार एक लिफाफे में डालकर सेक्टर-43 के जंगल क्षेत्र में फेंक दिए थे। इसका वीडियो बनाकर गिरोह के सरगनाओं को भी भेजा गया था। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हथियार गिरोह के अन्य सदस्यों ने उठा लिए या किसी अन्य व्यक्ति के हाथ लग गए।
पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड अमित कुमार उर्फ शराबी, मुख्य शूटर सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की साजिश में शामिल होने के बदले अमित को करीब डेढ़ लाख रुपये मिले थे। आरोपियों ने वारदात से पहले लगातार तीन दिनों तक मेडिकल स्टोर और आसपास के इलाके की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार, हत्या से ठीक पहले गोल्डी ढिल्लों गिरोह के सदस्यों ने आरोपियों को जिगाना पिस्टल और एक अन्य हथियार उपलब्ध कराया था।
मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की टीम जम्मू के सांबा पहुंची, जहां आरोपियों और उनके सहयोगियों से पूछताछ की गई। अस्पताल में भर्ती सन्नी और आर्यन से वीडियो कॉल के जरिए भी सवाल-जवाब किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार भ्रामक जानकारी देकर जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हथियारों की बरामदगी में मुश्किलें आ रही हैं।
जिगाना पिस्टल को दुनिया के खतरनाक हथियारों में गिना जाता है। यह तुर्किये में निर्मित आधुनिक पिस्टल है, जिसकी कीमत अवैध बाजार में चार से पांच लाख रुपये तक बताई जाती है। इसकी मैगजीन में 15 से 17 राउंड तक रखे जा सकते हैं और लगातार कई फायर करने की क्षमता इसे अपराधियों के बीच लोकप्रिय बनाती है। इसी प्रकार की पिस्टल का इस्तेमाल पहले पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसे चर्चित मामलों में भी किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस इस हत्याकांड में इस्तेमाल हथियारों की तलाश और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।