चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को सेना के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ की याचिका पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख आईपीएस अधिकारी को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कर्नल बाठ का आरोप है कि पंजाब पुलिस द्वारा उनके साथ हुई मारपीट की जांच में चंडीगढ़ पुलिस निष्पक्ष रवैया नहीं अपना रही और आरोपित पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
कर्नल बाठ ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि या तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए या फिर किसी ऐसे वरिष्ठ अधिकारी को दी जाए जो कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कर सके। उन्होंने बताया कि एफआईआर को साढ़े तीन महीने और जांच ट्रांसफर को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि अदालत के स्पष्ट निर्देश भी दिए जा चुके थे।
कर्नल बाठ ने कहा कि यह मामला पुलिस के दुरुपयोग और कानून की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है, जहां कानून के रक्षक ही कानून तोड़ने में लगे हैं। उनका आरोप है कि चंडीगढ़ पुलिस भी अब पंजाब पुलिस के दबाव में आकर आरोपियों को बचा रही है। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन, डीजीपी और पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और जांच कर रहे एसएसपी को रिपोर्ट सहित कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
अब इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होगी, जिसमें कोर्ट SIT के प्रमुख से सीधे जवाब लेगी। कर्नल बाठ की याचिका के बाद ही हाईकोर्ट ने यह जांच पंजाब पुलिस से हटाकर चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी थी, लेकिन अब उनके खिलाफ ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।