चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: साइबर ठगी के मामले में जेल में बंद 55 वर्षीय मुबारक अली को अदालत से राहत नहीं मिली। जिला अदालत ने उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मुबारक अली ने बाईं आंख में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए 30 दिन की जमानत मांगी थी। हालांकि, अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि उसे जेल में ही उचित इलाज और जरूरी डाइट उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस ने मुबारक अली को साइबर ठगी से मिली रकम अपने बैंक खाते के जरिए दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह 5 अप्रैल 2026 से जेल में बंद है। उसके खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया गया है।
बाईं आंख का ऑपरेशन कराने के लिए मांगी थी जमानत
बचाव पक्ष ने अदालत में बताया कि मुबारक अली की बाईं आंख में मोतियाबिंद है और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही है। 9 अक्टूबर को सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। इसी आधार पर उसने 30 दिन के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग की।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मुबारक अली दिल की बीमारी और डायबिटीज से पीड़ित है। मामले में पुलिस चालान पेश कर चुकी है, इसलिए उसे अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने किया जमानत का विरोध
अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि बुड़ैल जेल में इलाज की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर मुबारक अली को पीजीआई, सेक्टर-32 स्थित अस्पताल या सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में भी इलाज के लिए ले जाया जा सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी और जेल प्रशासन को उसके इलाज का उचित इंतजाम करने के निर्देश दिए।