चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: 645 करोड़ रुपये के कथित IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई का फोकस कथित तौर पर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने, उसे कई लेयर में घुमाने, छिपाने और वैध कारोबारी लेनदेन के तौर पर दिखाने से जुड़े सबूत जुटाने पर है। मामले में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ यूटी प्रशासन और अन्य संस्थाओं से जुड़े बैंक खातों से रकम के कथित गबन की जांच चल रही है।
ED की तलाशी के दायरे में कई ज्वेलर्स से जुड़े ठिकाने भी आए। इनमें मलिक ज्वेलर्स, KLG ज्वेल्स, M.B. गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स और सुंदर ज्वेलर्स शामिल हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अपराध से हासिल रकम किन लोगों और कंपनियों के जरिए आगे भेजी गई और इस पूरी प्रक्रिया में किन खातों का इस्तेमाल हुआ। जांच में गौरव कंसल की कथित भूमिका पर भी फोकस किया गया है।
ED के मुताबिक, IDFC फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़-पंचकूला के दो निजी स्कूलों के खातों से करीब 645 करोड़ रुपये के कथित गबन की जांच की जा रही है। बैंक ने शुरुआत में मामले में 590 करोड़ रुपये की रकम का अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में संबंधित ग्राहकों के दावों के आधार पर 645 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ED ने पंचकूला की विशेष PMLA अदालत में भी आरोप लगाया है कि सरकारी विभागों के खातों से कथित तौर पर निकाली गई करीब 203 करोड़ रुपये की रकम पहले एक शेल कंपनी तक पहुंची और फिर ज्वेलर्स समेत अन्य लोगों को भेजी गई। एजेंसी ने कुछ लेनदेन में नकद रकम दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
इस मामले में ED और CBI की अलग-अलग जांच चल रही है। ED अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जून 2026 में रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा की PMLA के तहत गिरफ्तारी भी हुई थी। जांच के दौरान एजेंसी ने करीब 200.84 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच करने के साथ अन्य संपत्तियों और रकम को जब्त या फ्रीज करने की कार्रवाई की है, जिससे कुल आंकड़ा करीब 211 करोड़ रुपये बताया गया है। CBI ने भी मामले में कुछ IAS अधिकारियों और अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और किसी आरोपी की संलिप्तता अदालत में अंतिम रूप से साबित नहीं हुई है।