चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: सीबीआई की चार्जशीट में 504 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस से जुड़े कई गंभीर आरोपों का जिक्र किया गया है। एजेंसी के मुताबिक, हरियाणा सरकार के 8 विभागों और सरकारी संस्थाओं के फंड को नियमों के खिलाफ चुनिंदा बैंकों की शाखाओं में ट्रांसफर किया गया। चार्जशीट में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। इसमें कथित तौर पर एक अधिकारी के सरकारी बंगले तक सोने के सिक्के पहुंचाने, दूसरे अधिकारी के होटल और पार्टी के बिल चुकाने और एक अन्य अधिकारी के लिए महंगी मुजरा पार्टियां आयोजित करने के आरोप शामिल हैं।
सीबीआई ने 2 सितंबर को दाखिल चार्जशीट में कॉल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट, गवाहों के बयान और बरामद बातचीत का इस्तेमाल कथित लेन-देन और मदद के नेटवर्क को जोड़ने के लिए किया है। एजेंसी ने आईएएस अधिकारी विनीत गर्ग पर आरोप लगाया है कि उन्हें 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए गए। सीबीआई के मुताबिक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि के कहने पर अमृतपाल नाम का व्यक्ति चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स से दोनों सिक्के लेकर सेक्टर-7ए स्थित एक सरकारी बंगले में पहुंचा था। एजेंसी का दावा है कि वहां ऋषि ने कथित तौर पर सिक्के विनीत गर्ग को सौंपे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच से भी संबंधित लोगों की गतिविधियों की पुष्टि होने की बात चार्जशीट में कही गई है।
चार्जशीट में तत्कालीन हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी मोहम्मद शायिन से जुड़े कई होटल और पार्टी खर्चों का भी जिक्र है। सीबीआई के अनुसार, चंडीगढ़ के कोयो कोयो रेस्टोरेंट का 35,629 रुपये का बिल शायिन के नाम पर था और इसका भुगतान कथित तौर पर रिभव ऋषि ने किया। इसके अलावा जनवरी 2025 में शायिन और उनकी पत्नी से जुड़ी एक पार्टी पर 58,399 रुपये खर्च होने का दावा है, जिसमें खाना और शराब का बिल शामिल था। मई 2025 के 73,073 रुपये के एक अन्य होटल बिल को लेकर भी एजेंसी ने कहा कि रकम पहले कैश में दी गई और बाद में कथित तौर पर ऋषि से संबंधित नकद राशि मिली।
सीबीआई ने डॉ. साकेत कुमार पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने कथित तौर पर एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डीके बेहरा को निजी बैंकों में सरकारी खाते खोलने के लिए प्रभावित किया। वहीं आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को लेकर एजेंसी का आरोप है कि बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खातों और फंड ट्रांसफर की व्यवस्था में मदद की गई और बदले में कथित तौर पर मुजरा पार्टियों, शराब और महंगे होटल स्टे का खर्च उठाया गया। चार्जशीट के मुताबिक, जेड मैनर, जीरकपुर में चार डांस पार्टियां आयोजित की गईं, जिनमें दिल्ली से 7-8 डांसरों को बुलाया गया और हर पार्टी में 15 से 20 लाख रुपये तक कैश कथित तौर पर डांसर्स पर उड़ाया गया। सीबीआई ने इन सभी आरोपों को जांच के आधार पर चार्जशीट में दर्ज किया है। पंकज अग्रवाल को जून में गिरफ्तार कर सस्पेंड किया गया था, जबकि विनीत गर्ग, मोहम्मद शायिन और साकेत कुमार की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।