चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के उद्योग एवं बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। भगवंत मान सरकार में यह पहला मामला है जब किसी मौजूदा मंत्री को केंद्रीय एजेंसी ने हिरासत में लिया है।
₹157 करोड़ का धोखाधड़ी मामला:
ईडी की यह कार्रवाई पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 12 से अधिक स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद हुई है। संजीव अरोड़ा पर लगभग 157 करोड़ रुपये के जीएसटी (GST) और निर्यात घोटाले का आरोप है।
फर्जीवाड़ा: जांच अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर की "पेपर फर्मों" के माध्यम से मोबाइल फोन की फर्जी खरीद दिखाकर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और निर्यात रिफंड हासिल किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग: आरोप है कि इस घोटाले की लगभग 102.5 करोड़ रुपये की राशि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दो मुखौटा कंपनियों के जरिए लॉन्डर की गई।
अमन अरोड़ा पर भी गहराया संकट:
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी से ठीक 48 घंटे पहले, पंजाब आप अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा का नाम भी मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में सामने आया है। यह मामला मोहाली की रियल एस्टेट फर्मों 'सनटेक सिटी' और 'अल्टस स्पेस बिल्डर्स' से जुड़ा है। हाल ही में मोहाली की एक ऊंची इमारत से नोटों के बंडल फेंके जाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसे जांच एजेंसियां इसी मामले से जोड़कर देख रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन कार्रवाइयों को केंद्र की भाजपा सरकार की "हथकंडा राजनीति" करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार मिटाने के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है। मान ने हाल ही में आप के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जो नेता पाला बदल लेते हैं, उनके खिलाफ एजेंसियां शांत हो जाती हैं।
संजीव अरोड़ा का राजनीतिक कद:
60 वर्षीय संजीव अरोड़ा पंजाब कैबिनेट के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं। कपड़ा और रियल एस्टेट क्षेत्र के बड़े कारोबारी अरोड़ा के पास उद्योग, वाणिज्य, बिजली और स्थानीय निकाय जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। उनकी गिरफ्तारी से राज्य के आर्थिक नेतृत्व में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिससे मान सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।