चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अवैध रूप से गैस सिलिंडर भरने के दौरान हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत के मामले में विभागीय स्टोर संचालक विजय कुमार पोद्दार को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिसमें अवैध गतिविधि के कारण न सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचा, बल्कि तीन लोगों की जान भी चली गई।
जस्टिस परमोद गोयल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि अवैध तरीके से गैस सिलिंडर भरने के दौरान विस्फोट हुआ। हादसे में मुन्ना, महेश और गोपी की मौत हो गई, जो उसी भवन से सटे कमरे में रह रहे थे। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के कब्जे वाले कमरे से 18 गैस सिलिंडर और छह नोजल बरामद किए गए थे। इस मामले में 26 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 साउथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह स्वयं भी इस हादसे का शिकार है और विस्फोट में गंभीर रूप से झुलस गया था। उसके वकील ने बताया कि पहले उसका इलाज सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुआ और फिलहाल वह जीरकपुर के एक अस्पताल में उपचाराधीन है। बचाव पक्ष का कहना था कि गंभीर चोटों के कारण वह हस्ताक्षर तक नहीं कर पा रहा है और उसे झूठा फंसाया गया है।
वहीं, राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि विस्फोट उसी कमरे में हुआ, जहां आरोपी अवैध रूप से गैस सिलिंडर भर रहा था। बड़ी संख्या में सिलिंडर और उपकरण बरामद हुए हैं तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता और याचिका खारिज कर दी।