चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: 60 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को दोषी ठहराया है। अब उसे फांसी दी जाएगी या उम्रकैद होगी, इसका फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से मोनू के लिए फांसी की सजा की मांग किए जाने की संभावना है।
यह मोनू के खिलाफ दर्ज तीन हत्या के मामलों में तीसरा मामला है, जिसमें अदालत ने उसे दोषी माना है। इससे पहले दो मामलों में भी उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। वर्ष 2024 में 60 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में मोनू का नाम सामने आया और गिरफ्तारी के बाद उसने तीन महिलाओं की हत्या करने की बात कबूल की थी।
मोनू के अपराधों का पुराना रिकॉर्ड भी काफी गंभीर है। वर्ष 2010 में सेक्टर-38 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में करीब 14 साल तक आरोपी का पता नहीं चल पाया था। पुलिस ने अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट भी पेश की थी, लेकिन जांच जारी रखी। बाद में डड्डूमाजरा के पास रहने वाले मोनू पर शक हुआ और उसके डीएनए का मिलान छात्रा के सुरक्षित डीएनए से कराया गया, जो मैच हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई और पिछले साल इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
जांच के दौरान मोनू ने वर्ष 2022 में मलोया की रहने वाली 40 वर्षीय महिला की हत्या की बात भी कबूल की थी। महिला 11 जनवरी 2022 की रात बाजार गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन घर से कुछ दूरी पर उसका शव मिला था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में भी अदालत ने मोनू को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अब तीसरे हत्या मामले में सजा पर मंगलवार को फैसला होगा।