चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: हरियाणा के यमुनानगर जिले के प्रतापनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खिजरी के जंगल के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल टेलर जरनैल सिंह की आठ दिनों तक चले इलाज के बाद पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक द्वारा इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिए जाने के कारण पीड़ित परिवार ने शुरू में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, बाद में आरोपी चालक अपने वादे से मुकर गया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना के संबंध में मृतक के चाचा रामजी लाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका भतीजा जरनैल सिंह गांव में ही टेलरिंग का काम करता था और उसके दो बच्चे हैं। 8 दिन पहले खिजराबाद बाजार से गांव खिजरी लौटते समय जंगल के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने जरनैल की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे में जरनैल सिंह के सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद कार चालक अमरजीत सिंह (निवासी गांव उधमगढ़) मौके पर रुका और उसने परिजनों को भरोसा दिया कि वह इलाज का पूरा खर्च उठाएगा।
परिजनों ने घायल जरनैल को पहले यमुनानगर के जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने 12 अगस्त को उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। PGI में इलाज के दौरान जब खर्च बढ़ने लगा तो आरोपी चालक अमरजीत सिंह ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद इलाज के दौरान जरनैल सिंह की मौत हो गई। PGI से मिली सूचना के आधार पर ASI रमेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लिया और चाचा रामजी लाल के बयानों के आधार पर कार चालक अमरजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।