चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ PGI के डॉक्टरों ने मेडिकल साइंस में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अमरोहा की 2 साल की बच्ची के दिमाग से 4.5 सेंटीमीटर का क्रेनियोफैरिंजियोमा ट्यूमर बिना सिर खोले, नाक के रास्ते एंडोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक हटा दिया। यह दुनिया में सिर्फ दूसरा मामला है, जब इतनी छोटी उम्र की बच्ची में इतनी जटिल ब्रेन सर्जरी नाक के जरिए की गई हो। बच्ची को पिछले चार महीनों से दोनों आंखों से दिखना बंद हो गया था और हार्मोन की कमी के लक्षण भी थे।
जांच में पता चला कि बच्ची के दिमाग के बीचोंबीच एक कठोर, कैल्सीफाइड ट्यूमर था, जो आंखों की नसों और अन्य बेहद संवेदनशील हिस्सों के पास स्थित था। आमतौर पर ऐसे मामलों में सिर खोलकर ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन PGI की टीम ने बिना दिमाग पर दबाव डाले नाक के रास्ते ही सर्जरी करने का निर्णय लिया। यह निर्णय बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि 2 साल की बच्ची की नाक की हड्डियां अभी पूरी तरह विकसित नहीं होतीं और संरचना भी बेहद छोटी होती है।
डॉ. धंडापानी एसएस की अगुआई में ENT सर्जन डॉ. रिजुनीता, डॉ. शिव सोनी, डॉ. सुशांत, डॉ. धवल और डॉ. संजोग ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया। हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप, माइक्रो इंस्ट्रूमेंट्स और नेविगेशन टेक्नोलॉजी की मदद से डॉक्टरों ने नाक के भीतर विशेष ड्रिलिंग की, क्योंकि बच्ची में वह एयर साइनस मौजूद नहीं था जो सामान्य ऑपरेशन में रास्ता देता है। ENT टीम ने नाक से ट्यूमर तक का रास्ता बनाया और न्यूरोसर्जन टीम ने ट्यूमर को दिमाग की नाजुक नसों से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला।
करीब 6 घंटे चली इस जटिल सर्जरी के दौरान सिर्फ 250 ml खून निकला। ऑपरेशन के बाद बच्ची को ICU में शिफ्ट किया गया और 10 दिन बाद उसकी हालत पूरी तरह स्थिर है। CT स्कैन में साफ दिखा कि ट्यूमर लगभग पूरी तरह हट चुका है। यह सर्जरी न केवल PGI के लिए बल्कि पूरे देश के लिए चिकित्सा विज्ञान में एक गर्व का विषय है।