चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के कुल 245 कानून फिलहाल लागू हैं। इनमें पंजाब के 238 और हरियाणा के 7 कानून शामिल हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सांसद मनीष तिवारी के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
केंद्र सरकार के मुताबिक, चंडीगढ़ में राज्य के कानून लागू करने का अधिकार उसे पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 से मिलता है। किसी राज्य के कानून को चंडीगढ़ में लागू करने का प्रस्ताव स्थानीय जरूरतों के आधार पर चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से तैयार किया जाता है।
सरकार ने साफ किया कि इन कानूनों को लागू करने, उनमें बदलाव करने या उन्हें खत्म करने के लिए फिलहाल कोई अलग और एक जैसी नीति नहीं है। हर प्रस्ताव को स्थानीय जरूरत, सरकार की नीति और कानूनी प्रभाव के आधार पर अलग-अलग देखा जाता है।
चंडीगढ़ में लागू पंजाब के प्रमुख कानून
चंडीगढ़ में लागू पंजाब के कानूनों में पंजाब लॉज एक्ट, 1872, पंजाब टेनेंसी एक्ट, 1887, पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट, 1887, पंजाब शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 1958, पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, पंजाब पुलिस एक्ट, 2007, पंजाब राइट टू सर्विस एक्ट, 2011, पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 और पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) एक्ट, 2021 शामिल हैं।
वहीं हरियाणा के जिन सात कानूनों को चंडीगढ़ में लागू किया गया है, उनमें हरियाणा हाउसिंग बोर्ड एक्ट, 1971, हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ बेगिंग एक्ट, 1971, हरियाणा एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट, 1974, हरियाणा कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजेज एक्ट, 2008, हरियाणा बैकवर्ड क्लासेज (रिजर्वेशन इन सर्विसेज एंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) एक्ट, 2016 और हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 शामिल हैं।
पिछले पांच साल में 14 और कानून लागू हुए
सरकार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पंजाब, हरियाणा और असम के कुल 14 कानून चंडीगढ़ में लागू किए गए। इनमें तंबाकू नियंत्रण और हुक्का बार, जरूरी सेवाओं, ओबीसी आरक्षण, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ठेका श्रम, औद्योगिक विवाद, स्टांप ड्यूटी, मानव तस्करी, भूमि रिकॉर्ड, अग्निशमन सेवाओं और किरायेदारी से जुड़े कानून शामिल हैं।
बिजनेस और जमीन से जुड़े कानूनों पर जोर
पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को चंडीगढ़ में कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लागू किया गया। इसके तहत स्व-घोषणा के आधार पर प्रक्रिया, समयबद्ध मंजूरी, कम निरीक्षण और कम नियामकीय बोझ जैसे प्रावधानों पर जोर दिया गया है। इसका खास फायदा एमएसएमई और अन्य पात्र कारोबारियों को देने का उद्देश्य है।
वहीं पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) एक्ट, 2021 का मकसद आबादी देह क्षेत्रों में जमीन के मालिकाना हक का सर्वे और रिकॉर्ड तैयार करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। सरकार के अनुसार, इससे जमीन से जुड़े विवाद कम करने और शहरी विकास की योजना को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 को चंडीगढ़ में आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के लिए लागू किया गया है। वहीं असम टेनेंसी एक्ट, 2021 को पुराने किराया नियंत्रण कानून की जगह आधुनिक किरायेदारी व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से बढ़ाया गया है।