चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: जजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चंडीगढ़ प्रशासन में केंद्र सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब—दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी है, इसलिए हरियाणा का हक पूरी तरह बराबरी का होना चाहिए। चौटाला का कहना था कि राज्य की भाजपा सरकार को हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि चंडीगढ़ को पूरी तरह केंद्र के अधीन करने की कोशिश दोनों राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने वाली है। उन्होंने यह भी मांग की कि चंडीगढ़ में हरियाणा की हिस्सेदारी 60-40 नहीं बल्कि 50-50 होनी चाहिए और भाजपा सरकार को इस मुद्दे पर केंद्र नेतृत्व पर दबाव बनाना चाहिए। उनकी राय में बिना दोनों राज्यों से बातचीत किए कोई भी फैसला लेना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
दुष्यंत चौटाला ने संसद के शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ संबंधी संभावित प्रस्ताव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तत्काल प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए और हरियाणा की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग स्पष्ट रूप से रखनी चाहिए। उन्होंने इसे हरियाणा की गरिमा और अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताया।
सोमवार को वह रोहतक जिले के कई गांवों के दौरे पर थे, जहां उन्होंने 7 दिसंबर को जुलाना में होने वाले जजपा के 8वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए गांव–गांव जाकर लोगों को आमंत्रित किया। कई स्थानों पर उन्होंने नुक्कड़ सभाएं भी कीं और कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। इस दौरान जिला प्रभारी सुमित राणा, उपेंद्र कादयान, हरज्ञान मोखरा, जिलाध्यक्ष डॉ. संदीप हुड्डा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।