चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: जिले में खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग खास अभियान चला रहा है। हर जुलाई में एक जागरूकता अभियान भी आयोजित किया जाता है, ताकि लोगों को इस बीमारी के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। साथ ही, जिले के 500 से अधिक सरकारी स्कूलों में हर बुधवार को खून बढ़ाने वाली आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की जाती हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि छात्र-छात्राओं को समय पर ये गोलियां मिलें।
साथ ही, जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क हीमोग्लोबिन (एचबी) जांच की सुविधा उपलब्ध है। सेक्टर-10 के नागरिक अस्पताल, सेक्टर-31 के पॉलीक्लिनिक, पीएचसी और सीएचसी में यह सुविधा मिलती है। डॉक्टरों का कहना है कि बचपन से ही एनीमिया की रोकथाम जरूरी है, क्योंकि इससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है।
स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रश्मि बत्रा ने बताया कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ पूरे साल एचबी जांच की जाती रहती है। साथ ही, स्कूलों में नियमित रूप से हर बुधवार को खून की गोलियां भी दी जाती हैं ताकि बच्चों में होने वाली कमी को समय रहते ठीक किया जा सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में एनीमिया की समस्या को जड़ से खत्म करना और एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण करना है। इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि उनकी पढ़ाई और सामान्य जीवन भी सुगम बनेगा।