चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में एक करोड़ रुपये लूट मामले में आरोपी और पूर्व सब-इंस्पेक्टर नवीन फोगाट को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। फोगाट ने दावा किया था कि लूट के दौरान उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया और इसे साबित करने के लिए उसने डीएसपी चरणजीत सिंह विर्क और जांच अधिकारी की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स मांगने की अर्जी दी थी। लेकिन सेशंस कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि डीएसपी की कॉल डिटेल्स जारी करना जरूरी नहीं है।
यह मामला बठिंडा के दाल कारोबारी संजय गोयल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। गोयल के मुताबिक, 4 अगस्त 2023 को वह मोहाली के एयरो सिटी में एक करोड़ रुपये के नोट लेकर गए थे। उन्हें बताया गया कि नोटों को बदलने पर 5 प्रतिशत कमीशन लगेगा। लेकिन कुछ लोगों ने, जिनमें एक पुलिस वर्दी में भी था, गोयल को धमकाया और उनका बैग जिसमें एक करोड़ रुपये थे, ले भागे।
तहकीकात में पता चला कि पुलिस वर्दी में शामिल व्यक्ति ही सेक्टर-39 थाने के एडिशनल एसएचओ नवीन फोगाट थे। मामले में दो कांस्टेबल और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, लेकिन फोगाट मौके से फरार हो गया। कुछ महीनों बाद उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया।
अब तक सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप तय हो चुके हैं और मामला विचाराधीन है। नवीन फोगाट की ओर से डीएसपी की लोकेशन डिटेल मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे आवश्यक नहीं माना। इससे फोगाट की जमानत और बचाव रणनीति पर असर पड़ सकता है।