चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को नगर निगम कार्यालय से लोक भवन तक मार्च निकालकर बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में पार्टी नेताओं ने नगर निगम की बैठक में 15 टेबल एजेंडा प्रस्तावों को कथित तौर पर बिना पर्याप्त चर्चा और पारदर्शिता के मंजूरी दिए जाने का विरोध किया। इनमें करीब 227 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी शामिल था।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टैक्सपेयर्स के करोड़ों रुपये से जुड़े फैसले तय प्रक्रिया और लोकतांत्रिक नियमों का पालन किए बिना लिए गए। प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग की गई। जब प्रदर्शनकारी लोक भवन की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कुछ AAP पार्षदों को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ले जाया गया, जबकि लोक भवन चौक पर भी पार्टी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
राज्यपाल की गैरमौजूदगी में AAP के प्रतिनिधिमंडल ने उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने नगर निगम की बैठक में कथित तौर पर बिना पर्याप्त चर्चा पास किए गए सभी 16 प्रस्तावों, जिसमें 227 करोड़ रुपये का टेबल एजेंडा भी शामिल है, की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। AAP नेताओं ने कहा कि जनता के पैसों से जुड़े इतने बड़े फैसले बिना चर्चा और पारदर्शिता के नहीं लिए जा सकते।
विवादित 227 करोड़ रुपये का टेबल एजेंडा 31 जुलाई को हुई नगर निगम सदन की बैठक में जल्दबाजी में पास किए जाने का आरोप है। यह राशि इस वित्तीय वर्ष में नगर निगम को मिले कुल ग्रांट-इन-एड का करीब एक-तिहाई बताई जा रही है। मामले को लेकर विपक्ष के साथ कुछ बीजेपी पार्षदों ने भी नगर निगम कमिश्नर से शिकायत की थी। विवाद बढ़ने के बाद बुधवार को मेयर सौरभ जोशी ने कमिश्नर से इस एजेंडे को वापस लेने और अगली सदन बैठक में चर्चा के लिए दोबारा लाने को कहा। AAP ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।