चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ऑस्ट्रेलिया के केनबरा में महत्वपूर्ण मुलाकातें की हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सांसदों और अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए चंडीगढ़ में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने की मांग रखी। बाजवा का कहना है कि इससे हजारों पंजाबियों को मदद मिलेगी जो पढ़ाई, नौकरी और परिवार से मिलने के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं। इस दूतावास से न सिर्फ सेवाएं आसान होंगी बल्कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते भी मजबूत होंगे।
बाजवा ने कृषि-प्रसंस्करण के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया से निवेश का भी आग्रह किया। उन्होंने डेयरी, जल प्रबंधन और टिकाऊ खेती के मामलों में सहयोग की संभावनाएं बताईं। उनका कहना है कि पंजाब का कृषि क्षेत्र नए तकनीकी निवेश से मजबूत हो सकता है और ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी इस दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में बाजवा ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों की समस्याएं उठाईं, जैसे वीजा प्रक्रिया में देरी और एजेंटों द्वारा शोषण। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों के शिक्षा विभाग मिलकर एक संयुक्त शिक्षा टास्क फोर्स बनाएं, जो छात्रों को बेहतर जानकारी, मदद और कानूनी सहारा दे सके। इस प्रयास से छात्रों का भरोसा भी बढ़ेगा और शिक्षा में सहयोग मजबूत होगा।
बाजवा ने सांस्कृतिक संबंधों को लेकर भी सुझाव दिए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में हर साल पंजाबी सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे दोनों समुदायों के बीच आत्मीयता और समझ बढ़ेगी। उन्होंने खेल, व्यापार और मीडिया में बसे पंजाबी लोगों के योगदान को भी सराहा और उन्हें भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सेतु बताया।