चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने नगर निगम अधिकारी अनुभव मिश्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई स्मार्ट सिटी से जुड़े बैंकिंग लेनदेन के मामले में जांच से बचने के आरोप में की गई है। सीबीआई ने अनुभव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत केस दर्ज किया है।
स्पेशल जज भावना जैन ने शुक्रवार को सीबीआई की उस याचिका पर आदेश दिया, जिसमें अनुभव मिश्रा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांच में शामिल होने के लिए कई बार नोटिस और प्रयास किए गए, लेकिन अनुभव मिश्रा पूछताछ के लिए सामने नहीं आए। कोर्ट ने भी माना कि वह जांच में शामिल होने से लगातार बच रहे हैं।
सीबीआई के मुताबिक, अनुभव मिश्रा नगर निगम की अकाउंट्स ब्रांच में स्मार्ट सिटी से जुड़े बैंकिंग मामलों को संभाल रहे थे। उनके पास कथित फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी थे। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में नगर निगम का खाता खोलने का प्रस्ताव शुरू किया था। डिजिटल सबूतों की जांच में अनुभव, आरोपी अभय कुमार और मामले में आरोपी बनाए गए कुछ बैंक अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत होने की बात भी सामने आई है।
कोर्ट ने बताया कि अनुभव मिश्रा की तीसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि उनकी पहली दो याचिकाएं वापस ले ली गई थीं। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, जिस पर 13 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। हाई कोर्ट ने 5 अगस्त के अपने आदेश में उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई थी। सीबीआई कोर्ट ने माना कि अनुभव जानबूझकर जांच से बच रहे हैं और निष्पक्ष जांच के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है। इसके बाद कोर्ट ने 31 अगस्त के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।