चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट (मोहाली) के पूर्व सीईओ और कमर्शियल हेड के खिलाफ भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोपों में सीबीआई (CBI) ने एफआईआर दर्ज की है। एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन की शिकायत पर शुरू हुई यह जांच अब एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आ रही है।
मामले की मुख्य बातें:
मुख्य आरोपी: सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच ने चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CHIAL) के तत्कालीन सीईओ राकेश रंजन सहाय और तत्कालीन कमर्शियल विभाग के प्रमुख अमृत गर्ग को नामजद किया है।
गंभीर धाराएं: आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश (120-B), जबरन वसूली (386 IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोप: इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने टैक्सी यूनियन के सदस्यों का मानसिक और वित्तीय उत्पीड़न किया, उनसे अवैध वसूली की और एक खास लाइसेंसधारी कंपनी (M/s Nanuan's) को फायदा पहुँचाया।
जांच की प्रक्रिया:
यह मामला तब खुला जब टैक्सी यूनियन ने एक पेन ड्राइव सौंपी, जिसमें अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने और डराने-धमकाने की ऑडियो क्लिप थीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की सतर्कता विभाग ने शुरुआती जांच में आरोपों को सही पाया। चूंकि एएआई के पास आवाज की फॉरेंसिक जांच और पैसों के लेन-देन (Money Trail) को ट्रैक करने की सुविधा नहीं थी, इसलिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के निर्देश पर केस सीबीआई को सौंपा गया।
महत्व:
शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत का एक प्रमुख विमानन केंद्र है। इसके सर्वोच्च पद पर बैठे अधिकारियों द्वारा वसूली रैकेट चलाने के आरोपों ने संस्थान की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह संभवतः पहला ऐसा मामला है जहां एक टैक्सी यूनियन की शिकायत पर इतने उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने सीधे कार्रवाई की है।
आगे क्या होगा?
सीबीआई अब ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि वसूली गई रकम कहां-कहां भेजी गई। आने वाले दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी और ठिकानों पर छापेमारी की संभावना है।