चंडीगढ़ न्यूज डेस्क: चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने नियमों का पालन नहीं करने के चलते उबर और रैपिडो के एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द कर दिए हैं। जांच में दोनों कंपनियों से जुड़े कई मामलों में तय नियमों का उल्लंघन सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें किराए से लेकर ड्राइवरों की ट्रेनिंग और इंश्योरेंस तक कई तरह की गड़बड़ियां शामिल हैं।
अथॉरिटी ने पाया कि 25 रुपये प्रति किलोमीटर के तय किराए का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा ड्राइवरों के लिए सही हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस कवर नहीं था और जरूरी ट्रेनिंग भी पूरी तरह नहीं दी जा रही थी। कंपनियों के स्थानीय कॉरपोरेट ऑफिस भी नियमों के मुताबिक काम करते नहीं मिले।
जांच के दौरान बाइक टैक्सियों को लेकर भी नियमों की अनदेखी सामने आई। कई बाइक टैक्सियां कमर्शियल नंबर प्लेट के बिना चल रही थीं और पार्ट-टाइम राइडर्स भी तय नियमों का पालन करते नहीं पाए गए। लाइसेंस रद्द होने के बावजूद उबर और रैपिडो के मोबाइल ऐप अभी भी काम कर रहे हैं, जिससे इस कार्रवाई को लागू कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर केंद्रीय मंत्रालयों, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), के हस्तक्षेप के बिना कार्रवाई को लेकर चिंता जताई जा रही है।
फिलहाल भारत टैक्सी की सेवा उपलब्ध है, लेकिन रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना अनुमति चलने वाली सेवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में ऐप पर कैब या बाइक टैक्सी उपलब्ध होने के बावजूद यात्रियों को स्थानीय स्तर पर सेवा मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।